HTML Sitemap / Site Map
Posts
- गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।। (June 18, 2026)
- रामकथा कलि बिटप कुठारी। सादर सुनु गिरिराजकुमारी॥ (October 26, 2025)
- बंदों अवधपुरी आति पावनि। सरजू सारि कलिकलुष नसावनि॥ (August 2, 2025)
- अवध प्रभाव जान तब प्राणी। जब उर बसें राम धनु पाणी।। (June 30, 2025)
- बंदउँ संत असज्जन चरना। दुःखप्रद उभय बीच कछु बरना॥ (October 11, 2024)
- जिमि जिमि तापसु कथइ उदासा। तिमि तिमि नृपहि उपज बिस्वासा॥ (April 7, 2024)
- बिस्व बिदित एक कैकय देसू। सत्यकेतु तहँ बसइ नरेसू॥ (April 3, 2024)
- स्वायंभू मनु अरु सतरूपा। जिन्ह तें भै नरसृष्टि अनूपा॥ (March 28, 2024)
- सुमिरत हरिहि श्राप गति बाधी। सहज बिमल मन लागि समाधी॥ (March 21, 2024)
- नारद श्राप दीन्ह एक बारा। कलप एक तेहि लगि अवतारा।। (March 18, 2024)
- एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥ (March 16, 2024)
- राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका॥ (March 14, 2024)
- जस दूलहु तसि बनी बराता। कौतुक बिबिध होहिं मग जाता॥ (March 1, 2024)
- सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥ (February 29, 2024)
- तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥ (February 5, 2024)
- तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥ (January 27, 2024)
- श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार। (November 10, 2023)
- मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।। (November 8, 2023)
- नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।। (October 30, 2023)
- प्रभु माया बलवंत भवानी। जाहि न मोह कवन अस ग्यानी॥ (October 26, 2023)
- यह सब माया कर परिवारा। प्रबल अमिति को बरनै पारा।। (October 24, 2023)
- माया,मैं अरु मोर तोर तैं माया। जेहिं बस कीन्हे जीव निकाया॥ (October 18, 2023)
- माया,एक बार प्रभु सुख आसीना। लछिमन बचन कहे छलहीना।। (October 16, 2023)
- माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर। (October 10, 2023)
- अहंकार,नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं। प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं॥ (October 6, 2023)
- मानस चिंतन,भरी उनकी आँखों में है कितनी करुणा। (October 4, 2023)
- प्रेम,बार बार प्रभु चहइ उठावा। प्रेम मगन तेहि उठब न भावा॥ (July 28, 2023)
- मानस चिंतन,जानें बिनु न होइ परतीती । बिनु परतीति होइ नहि प्रीती । (July 28, 2023)
- कह रघुबीर देखु रन सीता। लछिमन इहाँ हत्यो इँद्रजीता।। (July 27, 2023)
- श्रवन सुजसु सुनि आयउँ प्रभु भंजन भव भीर। (July 21, 2023)
- गहि सरनागति राम की भवसागर की नाव। (July 20, 2023)
- जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता। (July 17, 2023)
- परहित,वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर। (June 3, 2023)
- सरल,गुर पद बंदि सहित अनुरागा। राम मुनिन्हसन आयसु मागा॥ (June 1, 2023)
- सरल,जानहु मुनि तुम्ह मोर सुभाऊ। जन सन कबहुँ कि करऊँ दुराऊ॥ (May 29, 2023)
- सरल,रघुबंसिन्ह कर सहज सुभाऊ। मनु कुपंथ पगु धरइ न काऊ॥ (May 28, 2023)
- सरल,अति बिनीत मृदु सीतल बानी। बोले रामु जोरि जुग पानी॥ (May 27, 2023)
- सरल,तब कर कमल जोरि रघुराई। बोले बचन श्रवन सुखदाई।। (May 7, 2023)
- सरल,नाइ सीसु पद अति अनुरागा। उठि रघुबीर बिदा तब मागा॥ (May 6, 2023)
- सरल,हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी। तुम्ह देखी सीता मृगनैनी॥ (May 4, 2023)
- सरल,तब रघुपति जानत सब कारन। उठे हरषि सुर काजु सँवारन॥ (May 3, 2023)
- सरल,दुनिया में जो देव पुजे है सभी पुजे है प्रभाव से। (May 2, 2023)
- सलाह,भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा। अब मोहि आइ जगाएहि काहा॥ (May 1, 2023)
- सलाह,दसमुख कहा मरमु तेहिं सुना। पुनि पुनि कालनेमि सिरु धुना।। (April 29, 2023)
- सलाह,कह सुक नाथ सत्य सब बानी। समुझहु छाड़ि प्रकृति अभिमानी॥ (April 27, 2023)
- सलाह,बोला बचन नीति अति पावन। सुनहु तात कछु मोर सिखावन॥ (April 27, 2023)
- सलाह,उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। सिव बिंरचि पूजेहु बहु भाँती॥ (April 26, 2023)
- सलाह,सब के बचन श्रवन सुनि, कह प्रहस्त कर जोरि। (April 24, 2023)
- सलाह,की तजि मान अनुज इव ,प्रभु पद पंकज भृंग। (April 24, 2023)
- सलाह,जो आपन चाहै कल्याना। सुजसु सुमति सुभ गति सुख नाना॥ (April 22, 2023)
- कर्म कमण्डल कर गहे,तुलसी जहँ लग जाय।सरिता, सागर, कूप जल (April 22, 2023)
- सलाह,रामानुज लघु रेख खचाई। सोउ नहिं नाघेहु असि मनुसाई॥ (April 15, 2023)
- सलाह,सजल नयन कह जुग कर जोरी। सुनहु प्रानपति बिनती मोरी॥ (April 11, 2023)
- सबरी प्रसंग, केहि बिधि अस्तुति करौं तुम्हारी। अधम जाति मैं जड़मति भारी॥ (April 7, 2023)
- मन्दोदरी,चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। सुनहु बचन पिय परिहरि कोपा॥ (April 5, 2023)
- सलाह,रहसि जोरि कर पति पग लागी। बोली बचन नीति रस पागी॥ (April 4, 2023)
- बिनती करउँ जोरि कर रावन। सुनहु मान तजि मोर सिखावन॥ (March 31, 2023)
- रे त्रिय चोर कुमारग गामी। खल मल रासि मंदमति कामी॥ (March 30, 2023)
- राम जी के जीवन में (कई बेहतरीन योग फिर भी इतना संघर्ष)जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। (March 29, 2023)
- सलाह,मुनि मख राखन गयउ कुमारा। बिनु फर सर रघुपति मोहि मारा॥ (March 28, 2023)
- जामवंत, कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहेहु बलवाना।। (March 27, 2023)
- कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ। (March 26, 2023)
- नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। अवसि होहिं तजि भवनु भिखारी॥ (March 24, 2023)
- जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। रहइ न सीलु सनेहु न कानी॥ (March 23, 2023)
- सलाह,बार बार बिनवउँ मुनि तोही। जिमि यह कथा सुनायहु मोही॥ (March 22, 2023)
- जरा मरन दुख रहित तनु समर जितै जनि कोउ। एकछत्र रिपुहीन महि। (March 21, 2023)
- राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥ (March 18, 2023)
- असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।। (March 15, 2023)
- कारन कवन नाथ नहिं आयउ। जानि कुटिल किधौं मोहि बिसरायउ।। (March 14, 2023)
- मैं निसिचर अति अधम सुभाऊ। सुभ आचरनु कीन्ह नहिं काऊ॥ (March 13, 2023)
- गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर। चरन कमल रज चाहति (March 12, 2023)
- होइहि भजनु न तामस देहा। मन क्रम बचन मंत्र दृढ़ एहा॥ (March 2, 2023)
- ता पर मैं रघुबीर दोहाई। जानउँ नहिं कछु भजन उपाई॥ (March 1, 2023)
- सहज सरल सुनि रघुबर बानी। साधु साधु बोले मुनि ग्यानी॥ (February 28, 2023)
- नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा॥ (February 27, 2023)
- मेरा मुझमें कुछ नहीं,जो कुछ है सो तोर। तेरा तुझकौं सौंपता, (February 25, 2023)
- उपजइ राम चरन बिस्वासा। भव निधि तर नर बिनहिं प्रयासा।। (February 23, 2023)
- कवनिउ सिद्धि कि बिनु बिस्वासा। बिनु हरि भजन न भव भय नासा॥ (February 22, 2023)
- संसय,बंधन काटि गयो उरगादा। उपजा हृदयँ प्रचंड बिषादा॥ (February 22, 2023)
- मोरेहु कहें न संसय जाहीं। बिधि बिपरीत भलाई नाहीं॥ (February 17, 2023)
- संसय,एकरूप तुम्ह भ्राता दोऊ। तेहि भ्रम तें नहिं मारेउँ सोऊ।। (February 14, 2023)
- पार्वती विवाह,देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।। (February 14, 2023)
- सौरज धीरज तेहि रथ चाका। सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका॥ (February 13, 2023)
- रावनु रथी बिरथ रघुबीरा। देखि बिभीषन भयउ अधीरा।। (February 10, 2023)
- तेहि कौतुक कर मरमु न काहूँ। जाना अनुज न मातु पिताहूँ॥ (January 2, 2023)
- नाथ एक संसउ बड़ मोरें। करगत बेदतत्त्व सबु तोरें॥ (December 31, 2022)
- जब तें रामु ब्याहि घर आए । नित नव मंगल मोद बधाए ॥ (December 30, 2022)
- संसय,देखि देखि आचरन तुम्हारा। होत मोह मम हृदयँ अपारा॥ (December 29, 2022)
- पार्वती विवाह,जब तें सती जाइ तनु त्यागा। तब सें सिव मन भयउ बिरागा।। (December 28, 2022)
- रचि महेस निज मानस राखा। पाइ सुसमउ सिवा सन भाषा॥ (December 27, 2022)
- प्रभु पहिचानि परेउ गहि चरना। सो सुख उमा जाइ नहिं बरना॥ (December 22, 2022)
- ईस्वर अंस जीव अबिनासी। चेतन अमल सहज सुख रासी।। (December 21, 2022)
- प्रार्थना में दीन भाव जरूर बनाए रखें। दीन दयाल बिरिदु संभारी। (December 20, 2022)
- मानस चिंतन,जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा। (December 19, 2022)
- पर हित लागि तजइ जो देही। संतत संत प्रसंसहिं तेही॥ (December 17, 2022)
- मम दरसन फल परम अनूपा। जीव पाव निज सहज सरूपा॥ (December 13, 2022)
- सलाह सम्मति विचार विमर्श परामर्श,नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥ (November 23, 2022)
- हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥ (November 6, 2022)
- दीनता,नम्रता छोटा,मेरा मुझ में कुछ नहीं,जो कुछ है सो तोर । (October 27, 2022)
- विश्वास भरोसा,बिनु बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु। (October 24, 2022)
- संशय भ्रम शंका,जेहि बिधि मोह भयउ प्रभु मोही। सोउ सब कथा सुनावउँ तोही॥ (October 22, 2022)
- राम कथा कलिकामद गाई । सुजन संजीवन मूर सुहाई ।। (October 21, 2022)
- पार्वती विवाह,सतीं मरत हरि सन बरु मागा। जनम जनम सिव पद अनुरागा॥ (June 30, 2022)
- प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥ (April 7, 2022)
- तुम्ह सारिखे संत प्रिय मोरें।धरउँ देह नहिं आन निहोरें॥ (September 8, 2021)
- साखामग कै बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई॥ (April 27, 2021)
- रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥ (December 1, 2020)
- चंद्रोदय,कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। कहहु काह निज निज मति भाई॥ (September 13, 2020)
- जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। पिता समेत लीन्ह निज नामू॥ (September 3, 2020)
- परहित बस जिन्ह के मन माहीं ।तिन्ह कहुँ जग दुर्लभ कछु नाहीं ॥ (August 23, 2020)
- बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई। (August 6, 2020)
- गुरु महिमा,गुर बिनु भव निध तरइ न कोई। जौं बिरंचि संकर सम होई॥ (August 2, 2020)
- मनुष्य शरीर,देह धरे कर यह फलु भाई। भजिअ राम सब काम बिहाई।। (July 30, 2020)
- प्रार्थना,सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें॥ (July 27, 2020)
- नाम की महिमा,रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। अंगरोग व्यापे नहीं (July 24, 2020)
- मागी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना।। (July 19, 2020)