Mahender Upadhyay

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥ पार्वती विवाह-देवताओं ने ब्रह्मा जी से कहा की आपने… Read More

2 years ago

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार।

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार। तुलसीदास जी ने कहा-गुरु जी के चरण कमल के रज से… Read More

2 years ago

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।। गुरु संत की महिमा- नारायण दास नाभा जी कहते है भगवान, भगवान का भक्त, भक्ति, और गुरु-कहने को… Read More

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नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।।

नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।। मनुष्य शरीर का मिलना सबसे दुर्लभ है। स्वर्ग के देवी-देवता… Read More

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प्रभु माया बलवंत भवानी। जाहि न मोह कवन अस ग्यानी॥

प्रभु माया बलवंत भवानी। जाहि न मोह कवन अस ग्यानी॥ माया का प्रभाव - गरुण जी कोई साधारण नहीं है… Read More

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यह सब माया कर परिवारा। प्रबल अमिति को बरनै पारा।।

यह सब माया कर परिवारा। प्रबल अमिति को बरनै पारा।। माया का परिवार-संतो  द्वारा सुन्दर व्याख्या माया अकेली नहीं है इसके  परिवार… Read More

3 years ago

माया,मैं अरु मोर तोर तैं माया। जेहिं बस कीन्हे जीव निकाया॥

मैं अरु मोर तोर  तैं माया। जेहिं बस कीन्हे जीव निकाया॥   माया जड़ है जैसे कुल्हाड़ी स्वयं कुछ नहीं कर… Read More

3 years ago

माया,एक बार प्रभु सुख आसीना। लछिमन बचन कहे छलहीना।।

एक बार प्रभु सुख आसीना। लछिमन बचन कहे छलहीना।। लक्ष्मणजी के वचनों में ही क्या, उनके हृदय में, उनके आचरण… Read More

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माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर।

माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर। संत कबीर ने कहा शरीर तो नष्ट हो जाता है पर… Read More

3 years ago

अहंकार,नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं। प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं॥

नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं। प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं॥ एक अकेला अहंकार ही जीव को नर्क की यात्रा… Read More

3 years ago