आध्यात्मिक ज्ञान, संतों के विचार और रामचरितमानस से प्राप्त जीवन जीने की प्रेरणादायक सीख।
जीवन जीने की राह में आपको आध्यात्मिक ज्ञान, प्रेरणादायक विचार और रामचरितमानस से मिलने वाली जीवन उपयोगी सीख मिलती है। यहाँ संतों के विचार और प्रेरणादायक लेख प्रस्तुत किए जाते हैं, जो मनुष्य को सही मार्ग पर चलने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जीवन की समस्याओं का समाधान पाने में सहायता करते हैं। सरल भाषा में जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन इस श्रेणी की विशेषता है।
रामकथा कलि बिटप कुठारी। सादर सुनु गिरिराजकुमारी॥ सादर सुनु॥ राम चरित आदर पूर्वक सुनना चाहिए मानस के चारो वक्ताओं ने… Read More
बंदों अवधपुरी आति पावनि। सरजू सारि कलिकलुष नसावनि॥ सरयू का साधारण अर्थ स से सीता रा से राम जू इसलिए… Read More
बंदउँ संत असज्जन चरना। दुःखप्रद उभय बीच कछु बरना॥ जितनी वन्दना मानस में बाबा तुलसी ने की उतनी वंदना किसी… Read More
एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥ अवतार के हेतु, एक कल्प में सब देवताओं को जलन्धर… Read More
सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥ विवाह शिव जी का हो रहा है कैलाश पर कोई… Read More
तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥ पार्वती विवाह- हे पर्वतराज! ब्रह्मा जी ने जो ललाट पर लिख दिया… Read More
तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥ पार्वती विवाह-देवताओं ने ब्रह्मा जी से कहा की आपने… Read More
श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार। तुलसीदास जी ने कहा-गुरु जी के चरण कमल के रज से… Read More
मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।। गुरु संत की महिमा- नारायण दास नाभा जी कहते है भगवान, भगवान का भक्त, भक्ति, और गुरु-कहने को… Read More
नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।। मनुष्य शरीर का मिलना सबसे दुर्लभ है। स्वर्ग के देवी-देवता… Read More