जीवन जीने की राह

गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।।

गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।। बाबा तुलसी ने रामजी की उस विशेषता का वर्णन कर रहे हैं… Read More

2 months ago

रामकथा कलि बिटप कुठारी। सादर सुनु गिरिराजकुमारी॥

रामकथा कलि बिटप कुठारी। सादर सुनु गिरिराजकुमारी॥ सादर सुनु॥ राम चरित आदर पूर्वक सुनना चाहिए मानस के चारो वक्ताओं ने… Read More

10 months ago

बंदों अवधपुरी आति पावनि। सरजू सारि कलिकलुष नसावनि॥

बंदों अवधपुरी आति पावनि। सरजू सारि कलिकलुष नसावनि॥ सरयू का साधारण अर्थ स से सीता रा से राम जू इसलिए… Read More

1 year ago

बंदउँ संत असज्जन चरना। दुःखप्रद उभय बीच कछु बरना॥

बंदउँ संत असज्जन चरना। दुःखप्रद उभय बीच कछु बरना॥ जितनी वन्दना मानस में बाबा तुलसी ने की उतनी वंदना किसी… Read More

2 years ago

एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥

एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥ अवतार के हेतु, एक कल्प में सब देवताओं को जलन्धर… Read More

2 years ago

सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥

सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥ विवाह शिव जी का हो रहा है कैलाश पर कोई… Read More

2 years ago

तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥

तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥ पार्वती विवाह- हे पर्वतराज! ब्रह्मा जी ने जो ललाट पर लिख दिया… Read More

3 years ago

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥ पार्वती विवाह-देवताओं ने ब्रह्मा जी से कहा की आपने… Read More

3 years ago

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार।

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार। तुलसीदास जी ने कहा-गुरु जी के चरण कमल के रज से… Read More

3 years ago

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।। गुरु संत की महिमा- नारायण दास नाभा जी कहते है भगवान, भगवान का भक्त, भक्ति, और गुरु-कहने को… Read More

3 years ago