goswami tulsidas krit ramcharitmanas

प्रार्थना में दीन भाव जरूर बनाए रखें। दीन दयाल बिरिदु संभारी।

दीन दयाल बिरिदु संभारी। प्रार्थना में आप मांग बनाए रखें या न रखें, लेकिन दीन भाव जरूर बनाए रखें। दीन… Read More

3 वर्ष ago

मानस चिंतन,जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा।

जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा। तुलसीदास जी द्वारा महिमा- संजीवनी बूटी से मरे हुए लोग भी जीवित हो… Read More

3 वर्ष ago

पर हित लागि तजइ जो देही। संतत संत प्रसंसहिं तेही॥

पर हित लागि तजइ जो देही। काम देव ने विचार किया कि मैंने अभी तक अपने सामने  किसी को कुछ… Read More

3 वर्ष ago

हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥

हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥ राम अवतार के कारण भाव वाले भक्त का, भगवान पर… Read More

4 वर्ष ago

राम कथा कलिकामद गाई । सुजन संजीवन मूर सुहाई ।।

राम कथा कलिकामद गाई । कलियुग में मनचाहा  फल देनेवाले कामधेनु, कल्पवृक्ष, चिन्तामणि ये दिव्य साधन अब सुलभ नहीं हैं।… Read More

4 वर्ष ago

पार्वती विवाह,सतीं मरत हरि सन बरु मागा। जनम जनम सिव पद अनुरागा॥

सतीं मरत हरि सन बरु मागा। पर्वती विवाह- शिव जी के मना करने पर भी सती जी अपने पिता दक्ष… Read More

4 वर्ष ago

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। लंकनी हनुमान जी से बोली हृदय में भगवान का नाम धारण करके जो भी काम… Read More

4 वर्ष ago

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। गोपियों ने कहा-हे उद्धवजी! हम जानते हैं कि संसार में किसी से  आशा न रखना ही… Read More

6 वर्ष ago

चंद्रोदय,कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। कहहु काह निज निज मति भाई॥

कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। सुबेल पर्वत पर भगवान बैठे है रामजी को चन्द्रमा के कलंक को  देखकर पुलस्त्य कुल… Read More

6 वर्ष ago

जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। पिता समेत लीन्ह निज नामू॥

जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। हम सभी कक्षा एक से  केवल और केवल यही  गाते आ रहे है। जीवन हो… Read More

6 वर्ष ago