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बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।

बिनु सतसंग बिबेक न होई। सत्संग का अर्थ 'संतों का संग' ऐसा इसलिए संत अथाह ज्ञान का भंडार होते हैं और… Read More

6 वर्ष ago

गुरु महिमा,गुर बिनु भव निध तरइ न कोई। जौं बिरंचि संकर सम होई॥

गुर बिनु भव निध तरइ न कोई। तीन लोक नौ खण्ड में गुरु से बड़ा न कोय, करता जो न… Read More

6 वर्ष ago

मनुष्य शरीर,देह धरे कर यह फलु भाई। भजिअ राम सब काम बिहाई।।

देह धरे कर यह फलु भाई।  मनुष्य को जो देह से प्यार है उसमे कोई सा भी ऐसा आइटम नहीं… Read More

6 वर्ष ago

प्रार्थना,सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें॥

सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें॥ तुलसीदास जी अपने भगवान राम से कह रहे- हे रघुवीर, मुझ… Read More

6 वर्ष ago

नाम की महिमा,रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। अंगरोग व्यापे नहीं

रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। राम नाम की बड़ी अद्भुत महिमा है। बस, जरूरत है तो केवल  श्रद्धा,… Read More

6 वर्ष ago

मागी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना।।

मागी नाव न केवटु आना। जब सुमंत्र जी ने रामजी से वापस चलने को कहा- तो (राम लक्ष्मण सीता) में… Read More

6 वर्ष ago