पार्वती विवाह,देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।।

3 years ago

देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। पार्वती विवाह- शंकर जी ने सप्तऋषियों से कहा की जाकर पार्वती जी की परीक्षा लो सप्तऋषियों… Read More

सौरज धीरज तेहि रथ चाका। सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका॥

3 years ago

सौरज धीरज तेहि रथ चाका। तुलसीदास ने रामजी के माध्यम से हम सभी को यह सन्देश दिया कि  हमारे जीवन… Read More

रावनु रथी बिरथ रघुबीरा। देखि बिभीषन भयउ अधीरा।।

3 years ago

रावनु रथी बिरथ रघुबीरा। तुलसी का धर्म रथ-संसार में विजय प्राप्त करने के लिए धर्म और आचरण एक  निर्णायक तत्त्व… Read More

तेहि कौतुक कर मरमु न काहूँ। जाना अनुज न मातु पिताहूँ॥

3 years ago

तेहि कौतुक कर मरमु न काहूँ। काकभुशुण्डि हे पक्षीराज! मुझे यहाँ निवास करते सत्ताईस कल्प बीत गए,  सम्पूर्ण विश्व में… Read More

नाथ एक संसउ बड़ मोरें। करगत बेदतत्त्व सबु तोरें॥

3 years ago

नाथ एक संसउ बड़ मोरें। वाल्मीकि रामायण के बाद दूसरी रामकथा तुलसीकृत श्री राम चरित मानस में भरद्वाज रामकथा के… Read More

जब तें रामु ब्याहि घर आए । नित नव मंगल मोद बधाए ॥

3 years ago

जब तें रामु ब्याहि घर आए । परम पूज्य संत श्री डोंगरे जी महाराज कहा करते थे जिन परिवारों मे… Read More

संसय,देखि देखि आचरन तुम्हारा। होत मोह मम हृदयँ अपारा॥

3 years ago

देखि देखि आचरन तुम्हारा। वशिष्ठ जी कहते है- ब्रह्मा जी के कहने पर मैंने उपरोहित्य अर्थात ब्राह्मण का कर्म द्वारा… Read More

पार्वती विवाह,जब तें सती जाइ तनु त्यागा। तब सें सिव मन भयउ बिरागा।।

3 years ago

जब तें सती जाइ तनु त्यागा। पार्वती विवाह- सती के साथ कैलाश पर नित्य कथा होती थी उनके ना रहने… Read More

रचि महेस निज मानस राखा। पाइ सुसमउ सिवा सन भाषा॥

3 years ago

रचि महेस निज मानस राखा। तुलसी ने मानस सरोवर की तुलना सामान्य सरोवर से कि है जैसे तलाब में प्रायः… Read More

प्रभु पहिचानि परेउ गहि चरना। सो सुख उमा जाइ नहिं बरना॥

3 years ago

प्रभु पहिचानि परेउ गहि चरना। हनुमान जी ने अपना विप्र रूप का वेष रखकर राम जी से पूछा- हे सावले… Read More