ईस्वर अंस जीव अबिनासी। चेतन अमल सहज सुख रासी।।

3 years ago

ईस्वर अंस जीव अबिनासी। तुलसीदासजी ने कहा-शुकदेवजी, सनकादि, नारदमुनि आदि जितने भक्त और परम ज्ञानी श्रेष्ठ मुनि हैं, मैं धरती… Read More

प्रार्थना में दीन भाव जरूर बनाए रखें। दीन दयाल बिरिदु संभारी।

3 years ago

दीन दयाल बिरिदु संभारी। प्रार्थना में आप मांग बनाए रखें या न रखें, लेकिन दीन भाव जरूर बनाए रखें। दीन… Read More

मानस चिंतन,जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा।

3 years ago

जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा। तुलसीदास जी द्वारा महिमा- संजीवनी बूटी से मरे हुए लोग भी जीवित हो… Read More

पर हित लागि तजइ जो देही। संतत संत प्रसंसहिं तेही॥

3 years ago

पर हित लागि तजइ जो देही। काम देव ने विचार किया कि मैंने अभी तक अपने सामने  किसी को कुछ… Read More

मम दरसन फल परम अनूपा। जीव पाव निज सहज सरूपा॥

3 years ago

मम दरसन फल परम अनूपा। भगवान राम का स्वभाव सहज और सरल है। ऐसा स्वभाव जिस भक्त का होता है… Read More

सलाह सम्मति विचार विमर्श परामर्श,नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥

3 years ago

राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥ राम जी ने हमेशा सभी की सलाह से कार्य… Read More

हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥

4 years ago

हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥ राम अवतार के कारण भाव वाले भक्त का, भगवान पर… Read More

दीनता,नम्रता छोटा,मेरा मुझ में कुछ नहीं,जो कुछ है सो तोर ।

4 years ago

मेरा मुझ में कुछ नहीं,जो कुछ है सो तोर । तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मोर ॥ कबीर कह… Read More

विश्वास भरोसा,बिनु बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु।

4 years ago

बिनु बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु। काकभुशुण्डि ने कहा हे पक्षीराज गरुड़! निज-सुख (आत्मानंद) के बिना क्या… Read More

संशय भ्रम शंका,जेहि बिधि मोह भयउ प्रभु मोही। सोउ सब कथा सुनावउँ तोही॥

4 years ago

जेहि बिधि मोह भयउ प्रभु मोही। काकभुशुण्डि का संशय! हे पक्षीराज! मुझे यहाँ निवास करते सत्ताईस कल्प बीत गए॥ इहाँ… Read More