राम कथा कलिकामद गाई । मंगलाचरण जय जय राम कथा । जय श्री राम कथा।। इसे श्रवन कर मिट जाती… Read More
सतीं मरत हरि सन बरु मागा। पर्वती विवाह- शिव जी के मना करने पर भी सती जी अपने पिता दक्ष… Read More
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। 1 मंगलाचरण जय जय राम कथा|जय श्री राम कथा इसे श्रवन कर मिट जाती है… Read More
तुम्ह सारिखे संत प्रिय मोरें। भगवान रामजी का विभीषणजी के माध्यम हम सभी को दिव्य संदेश रामजी ने कहा- मनुष्य की ममता नौ जगह रहती है,… Read More
साखामग कै बड़ि मनुसाई। हनुमान जी की दीनता लघुता- हनुमान को ही अष्ट सिद्धि और नव निधियों का दाता कहा… Read More
रामहि केवल प्रेमु पिआरा। गोपियों ने कहा-हे उद्धवजी! हम जानते हैं कि संसार में किसी से आशा न रखना ही… Read More
कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। सुबेल पर्वत पर भगवान बैठे है राम जी को चन्द्रमा के कलंक को देखकर पुलस्त्य… Read More
जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। हम सभी कक्षा एक से केवल और केवल यही गाते आ रहे है। जीवन हो… Read More
परहित बस जिन्ह के मन माहीं । संत कहते है आत्म कल्याण से मनुष्य पर प्रभु की कृपा नहीं हो… Read More
बिनु सतसंग बिबेक न होई। सत्संग का अर्थ 'संतों का संग' ऐसा इसलिए संत अथाह ज्ञान का भंडार होते हैं और… Read More