Mahender Upadhyay

सलाह,रहसि जोरि कर पति पग लागी। बोली बचन नीति रस पागी॥

रहसि जोरि कर पति पग लागी। लंका की सारी दुर्दशा तो दूत ने ही कर दी जब दूत ही इतना… Read More

3 वर्ष ago

बिनती करउँ जोरि कर रावन। सुनहु मान तजि मोर सिखावन॥

बिनती करउँ जोरि कर रावन। हनुमानजी हे रावण! मैं तुमसे हाथ जोड़कर विनती करता हूँ- कि तुम अभिमान छोड़कर मेरी… Read More

3 वर्ष ago

रे त्रिय चोर कुमारग गामी। खल मल रासि मंदमति कामी॥

रे त्रिय चोर कुमारग गामी। रावण का माता जानकी को सुमुखि कहने का भाव यह है कि मैं तुम्हारे सुन्दर… Read More

3 वर्ष ago

राम जी के जीवन में (कई बेहतरीन योग फिर भी इतना संघर्ष)जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल।

राम जी के जीवन में (कई बेहतरीन योग फिर भी इतना संघर्ष)जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। राम… Read More

3 वर्ष ago

सलाह,मुनि मख राखन गयउ कुमारा। बिनु फर सर रघुपति मोहि मारा॥

मुनि मख राखन गयउ कुमारा। बिनु फर सर रघुपति मोहि मारा॥ रावण को 19 बार वैर छोड़ कर राम का… Read More

3 वर्ष ago

जामवंत, कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहेहु बलवाना।।

कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। काकभुशुण्डिजी कहते हैं- हे गरुड़जी! हनुमान जी को छोड़ कर सभी बलवान है तभी तो सभी… Read More

3 वर्ष ago

कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ।

कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ। तारा ने बाली से कहा कि हे नाथ! सुनिए,हे नाथ ये वही सुग्रीव… Read More

3 वर्ष ago

नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। अवसि होहिं तजि भवनु भिखारी॥

नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। सप्तऋषि ने पार्वती को भटकाने के लिए बहुत कुछ कहा:-जो स्त्री-पुरुष नारद की सीख… Read More

3 वर्ष ago

जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। रहइ न सीलु सनेहु न कानी॥

जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। शिव जी के मन को भाने का कारण- यज्ञ भगवान का अंग है उसका दर्शन… Read More

3 वर्ष ago

सलाह,बार बार बिनवउँ मुनि तोही। जिमि यह कथा सुनायहु मोही॥

बार बार बिनवउँ मुनि तोही। शिवजी ने नारदजी से कहा हे मुनि! मैं तुमसे बार-बार विनती करता हूँ कि जिस… Read More

3 वर्ष ago