रहसि जोरि कर पति पग लागी। लंका की सारी दुर्दशा तो दूत ने ही कर दी जब दूत ही इतना… Read More
बिनती करउँ जोरि कर रावन। हनुमानजी हे रावण! मैं तुमसे हाथ जोड़कर विनती करता हूँ- कि तुम अभिमान छोड़कर मेरी… Read More
रे त्रिय चोर कुमारग गामी। रावण का माता जानकी को सुमुखि कहने का भाव यह है कि मैं तुम्हारे सुन्दर… Read More
राम जी के जीवन में (कई बेहतरीन योग फिर भी इतना संघर्ष)जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। राम… Read More
मुनि मख राखन गयउ कुमारा। बिनु फर सर रघुपति मोहि मारा॥ रावण को 19 बार वैर छोड़ कर राम का… Read More
कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। काकभुशुण्डिजी कहते हैं- हे गरुड़जी! हनुमान जी को छोड़ कर सभी बलवान है तभी तो सभी… Read More
कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ। तारा ने बाली से कहा कि हे नाथ! सुनिए,हे नाथ ये वही सुग्रीव… Read More
नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। सप्तऋषि ने पार्वती को भटकाने के लिए बहुत कुछ कहा:-जो स्त्री-पुरुष नारद की सीख… Read More
जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। शिव जी के मन को भाने का कारण- यज्ञ भगवान का अंग है उसका दर्शन… Read More
बार बार बिनवउँ मुनि तोही। शिवजी ने नारदजी से कहा हे मुनि! मैं तुमसे बार-बार विनती करता हूँ कि जिस… Read More