Mahender Upadhyay

साखामग कै बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई॥

साखामग कै बड़ि मनुसाई। हनुमान जी की दीनता- हनुमान को ही अष्ट सिद्धि और नव निधियों का दाता कहा गया… Read More

5 वर्ष ago

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। गोपियों ने कहा-हे उद्धवजी! हम जानते हैं कि संसार में किसी से  आशा न रखना ही… Read More

6 वर्ष ago

चंद्रोदय,कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। कहहु काह निज निज मति भाई॥

कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। सुबेल पर्वत पर भगवान बैठे है रामजी को चन्द्रमा के कलंक को  देखकर पुलस्त्य कुल… Read More

6 वर्ष ago

जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। पिता समेत लीन्ह निज नामू॥

जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। हम सभी कक्षा एक से  केवल और केवल यही  गाते आ रहे है। जीवन हो… Read More

6 वर्ष ago

परहित बस जिन्ह के मन माहीं ।तिन्ह कहुँ जग दुर्लभ कछु नाहीं ॥

परहित बस जिन्ह के मन माहीं । संत कहते है आत्म कल्याण से मनुष्य पर प्रभु की कृपा नहीं हो… Read More

6 वर्ष ago

बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।

बिनु सतसंग बिबेक न होई। सत्संग का अर्थ 'संतों का संग' ऐसा इसलिए संत अथाह ज्ञान का भंडार होते हैं और… Read More

6 वर्ष ago

गुरु महिमा,गुर बिनु भव निध तरइ न कोई। जौं बिरंचि संकर सम होई॥

गुर बिनु भव निध तरइ न कोई। तीन लोक नौ खण्ड में गुरु से बड़ा न कोय, करता जो न… Read More

6 वर्ष ago

मनुष्य शरीर,देह धरे कर यह फलु भाई। भजिअ राम सब काम बिहाई।।

देह धरे कर यह फलु भाई।  मनुष्य को जो देह से प्यार है उसमे कोई सा भी ऐसा आइटम नहीं… Read More

6 वर्ष ago

प्रार्थना,सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें॥

सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें॥ तुलसीदास जी अपने भगवान राम से कह रहे- हे रघुवीर, मुझ… Read More

6 वर्ष ago

नाम की महिमा,रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। अंगरोग व्यापे नहीं

रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। राम नाम की बड़ी अद्भुत महिमा है। बस, जरूरत है तो केवल  श्रद्धा,… Read More

6 वर्ष ago