एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥

2 years ago

एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे॥ अवतार के हेतु, एक कल्प में सब देवताओं को जलन्धर… Read More

राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका॥

2 years ago

राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका॥ राम अवतार के कारण 2-पार्वती जी विवाह के उपरांत भगवत… Read More

जस दूलहु तसि बनी बराता। कौतुक बिबिध होहिं मग जाता॥

2 years ago

जस दूलहु तसि बनी बराता। कौतुक बिबिध होहिं मग जाता॥ पार्वती विवाह, भृंगी के अवाहन पर सभी भूत, प्रेत, पिशाच,… Read More

सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥

2 years ago

सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा॥ विवाह शिव जी का हो रहा है कैलाश पर कोई… Read More

तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥

2 years ago

तदपि एक मैं कहउँ उपाई। होइ करै जौं दैउ सहाई॥ पार्वती विवाह- हे पर्वतराज! ब्रह्मा जी ने जो ललाट पर लिख दिया… Read More

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥

2 years ago

तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी॥ पार्वती विवाह-देवताओं ने ब्रह्मा जी से कहा की आपने… Read More

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार।

3 years ago

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार। तुलसीदास जी ने कहा-गुरु जी के चरण कमल के रज से… Read More

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।

3 years ago

मोहि सम यह अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।। गुरु संत की महिमा- नारायण दास नाभा जी कहते है भगवान, भगवान का भक्त, भक्ति, और गुरु-कहने को… Read More

नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।।

3 years ago

नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेही।। मनुष्य शरीर का मिलना सबसे दुर्लभ है। स्वर्ग के देवी-देवता… Read More

प्रभु माया बलवंत भवानी। जाहि न मोह कवन अस ग्यानी॥

3 years ago

प्रभु माया बलवंत भवानी। जाहि न मोह कवन अस ग्यानी॥ माया का प्रभाव - गरुण जी कोई साधारण नहीं है… Read More