रामायण

साखामग कै बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई॥

साखामग कै बड़ि मनुसाई। हनुमान जी की दीनता लघुता- हनुमान को ही अष्ट सिद्धि और… Read More

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। गोपियों ने कहा-हे उद्धवजी! हम जानते हैं कि संसार में किसी… Read More

चंद्रोदय,कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। कहहु काह निज निज मति भाई॥

कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। सुबेल पर्वत पर भगवान बैठे है राम  जी को  चन्द्रमा… Read More