साखामग कै बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई॥
साखामग कै बड़ि मनुसाई। हनुमान जी की दीनता लघुता- हनुमान को ही अष्ट सिद्धि और… Read More
5 years ago
साखामग कै बड़ि मनुसाई। हनुमान जी की दीनता लघुता- हनुमान को ही अष्ट सिद्धि और… Read More
रामहि केवल प्रेमु पिआरा। गोपियों ने कहा-हे उद्धवजी! हम जानते हैं कि संसार में किसी… Read More
कह प्रभु ससि महुँ मेचकताई। सुबेल पर्वत पर भगवान बैठे है राम जी को चन्द्रमा… Read More
परहित बस जिन्ह के मन माहीं । संत कहते है आत्म कल्याण से मनुष्य पर … Read More
देह धरे कर यह फलु भाई। मनुष्य को जो देह से प्यार है उसमे कोई… Read More
रामनाम की औषधि खरी नियत से खाय। राम नाम की बड़ी अद्भुत महिमा है। बस,… Read More
मागी नाव न केवटु आना। जब सुमंत्र जी ने रामजी से वापस चलने को कहा-… Read More