सरल,नाइ सीसु पद अति अनुरागा। उठि रघुबीर बिदा तब मागा॥
नाइ सीसु पद अति अनुरागा। अति अनुरागा। का भाव वनवास सुनकर रामजी के मन में… Read More
नाइ सीसु पद अति अनुरागा। अति अनुरागा। का भाव वनवास सुनकर रामजी के मन में… Read More
हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी। तुम्ह देखी सीता मृगनैनी॥ हे पक्षियों! हे पशुओं! हे… Read More
दुनिया में जो देव पुजे है सभी पुजे है प्रभाव से। भगवान राम का स्वभाव… Read More
सलाह,भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा। कुम्भकर्ण की रावण को सलाह-तुम राक्षसो के नाथ हो।तुम्हे… Read More
दसमुख कहा मरमु तेहिं सुना। कालनेमि की रावण को सलाह- रावण का एक भेदिया दूत… Read More
कह सुक नाथ सत्य सब बानी। शुक द्वारा रावण को सलाह-शुक को रावण ने विभीषण… Read More
बोला बचन नीति अति पावन। माल्यवंत की रावण को सलाह- माल्यवंत में यहाँ चार विशेषता… Read More
उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। अंगद की रावण को सलाह- कुल परम्परा को लेकर अंगद… Read More
सब के बचन श्रवन सुनि, कह प्रहस्त कर जोरि। सेनापति प्रहस्त की रावण को सलाह=सेनापति… Read More
की तजि मान अनुज इव ,प्रभु पद पंकज भृंग। लक्ष्मण ने पत्रिका के माध्यम से… Read More