कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ। Leave a Comment कह बालि सुनु भीरु प्रिय समदरसी रघुनाथ। Read More »
नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। अवसि होहिं तजि भवनु भिखारी॥ Leave a Comment नारद सिख जे सुनहिं नर नारी। अवसि होहिं तजि भवनु भिखारी॥ Read More »
जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। रहइ न सीलु सनेहु न कानी॥ Leave a Comment जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। रहइ न सीलु सनेहु न कानी॥ Read More »
सलाह,बार बार बिनवउँ मुनि तोही। जिमि यह कथा सुनायहु मोही॥ Leave a Comment सलाह,बार बार बिनवउँ मुनि तोही। जिमि यह कथा सुनायहु मोही॥ Read More »
जरा मरन दुख रहित तनु समर जितै जनि कोउ। एकछत्र रिपुहीन महि। Leave a Comment जरा मरन दुख रहित तनु समर जितै जनि कोउ। एकछत्र रिपुहीन महि। Read More »
राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥ Leave a Comment राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं॥ Read More »
असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।। Leave a Comment असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।। Read More »
कारन कवन नाथ नहिं आयउ। जानि कुटिल किधौं मोहि बिसरायउ।। Leave a Comment कारन कवन नाथ नहिं आयउ। जानि कुटिल किधौं मोहि बिसरायउ।। Read More »
मैं निसिचर अति अधम सुभाऊ। सुभ आचरनु कीन्ह नहिं काऊ॥ Leave a Comment मैं निसिचर अति अधम सुभाऊ। सुभ आचरनु कीन्ह नहिं काऊ॥ Read More »
गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर। चरन कमल रज चाहति Leave a Comment गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर। चरन कमल रज चाहति Read More »