सरल,जानहु मुनि तुम्ह मोर सुभाऊ। जन सन कबहुँ कि करऊँ दुराऊ॥
जानहु मुनि तुम्ह मोर सुभाऊ। राम जी नारद से हे मुनि! यहाँ प्रभु ने अपना… Read More
जानहु मुनि तुम्ह मोर सुभाऊ। राम जी नारद से हे मुनि! यहाँ प्रभु ने अपना… Read More
रघुबंसिन्ह कर सहज श्री रामचन्द्रजी भाई लक्ष्मण से बोले- सहज सुभाऊ' अर्थात् उनका मन स्वतः वश… Read More
दसमुख कहा मरमु तेहिं सुना। कालनेमि की रावण को सलाह- रावण का एक भेदिया दूत… Read More
कह सुक नाथ सत्य सब बानी। शुक द्वारा रावण को सलाह-शुक को रावण ने विभीषण… Read More
बोला बचन नीति अति पावन। माल्यवंत की रावण को सलाह- माल्यवंत में यहाँ चार विशेषता… Read More
उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। अंगद की रावण को सलाह- कुल परम्परा को लेकर अंगद… Read More
जो आपन चाहै कल्याना। विभीषणजी द्वारा रावण को सलाह=कल्याण क्या है? साधारण नियम यही है… Read More
रामानुज लघु रेख खचाई। सोउ नहिं नाघेहु असि मनुसाई॥ मंदोदरी का चौथी बार समझाना- आज… Read More
सजल नयन कह जुग कर जोरी। तीसरा उपदेश मंदोदरी का-पिछले दो बार के उपदेशों में… Read More
चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। मन्दोदरी का रावण को दूसरी बार समझाना है।- प्रथम बार… Read More