सलाह

मानस चिंतन,श्रवन सुजसु सुनि आयउँ, प्रभु भंजन भव भीर। त्राहि त्राहि आरति हरन, सरन सुखद रघुबीर॥

मानस चिंतन,श्रवन सुजसु सुनि आयउँ, प्रभु भंजन भव भीर। त्राहि त्राहि आरति हरन, सरन सुखद रघुबीर॥ Read More »

मानस चिंतन,सलाह,सब के बचन श्रवन सुनि, कह प्रहस्त कर जोरि। नीति बिरोध न करिअ प्रभु, मंत्रिन्ह मति अति थोरि॥

मानस चिंतन,सलाह,सब के बचन श्रवन सुनि, कह प्रहस्त कर जोरि। नीति बिरोध न करिअ प्रभु, मंत्रिन्ह मति अति थोरि॥ Read More »

मानस चिंतन,सलाह,की तजि मान अनुज इव ,प्रभु पद पंकज भृंग। होहि कि राम सरानल, खल कुल सहित पतंग॥

मानस चिंतन,सलाह,की तजि मान अनुज इव ,प्रभु पद पंकज भृंग। होहि कि राम सरानल, खल कुल सहित पतंग॥ Read More »